Home News Delhi Manish Sisodia Held Meeting On Number Of ICU Beds Also Gave...

Delhi Manish Sisodia Held Meeting On Number Of ICU Beds Also Gave Guidelines For Increasing Manpower ANN

2
0

बैठक में ये तय हुआ कि जिस कोविड-19 अस्पताल में ऑक्सीजन बेड मौजूद नहीं है वहां पर एक सप्ताह या दस दिनों के भीतर इसे लगा दिया जाए.

नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना की मौजूदा स्तिथि को देखते हुए और गंभीर मरीज़ों की संख्या के मद्देनजर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे मनीष सिसोदिया ने आज आईसीयू बेड्स की संख्या बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य सचिव और अस्पतालों के मेडिकल निदेशकों के साथ एक अहम बैठक की. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मनीष सिसोदिया ने मौजूदा स्थिति का आंकलन किया और अस्पतालों में आईसीयू बेड की क्षमता के बारे में चर्चा की.

बैठक में तय हुआ है कि अलग-अलग कोविड-19 अस्पतालों में अभी जो मौजूदा बेड हैं, उनमें से ज्यादातर बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध है. जहां पर नहीं हैं, वहां पर एक सप्ताह या 10 दिन में ऑक्सीजन लगा दी जाएगी. इस तरह से बड़े-बड़े अस्पतालों में यह संख्या बढ़ाई जानी है और अस्पतालों को जो भी मदद चाहिए, चाहे इंजीनियरिंग स्तर, इंफ्रास्ट्रक्चर या मैन पार हायर करने के लिए चाहिए, वह पूरी मदद सरकार देगी.

बैठक में अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर्स ने आईसीयू में मैनपावर की कमी की बात सामने रखी जिसके आधार सुझाव दिए गए.

  1. दिल्ली के सभी पीजी मेडिकल इंस्टीट्यूशन्स के फाइनल ईयर के एमडी/एमएस/डीएनबी ग्रेजुएट डॉक्टर्स को फौरन 6 महीने की अवधि के लिए दिल्ली सरकार के कोविड हॉस्पिटल में तैनात किया जाए.
  2. इसी तरह, पीजी नर्सिंग और अंडर ग्रेजुएट नर्सिंग स्टूडेंट्स को भी 6 महीने की अवधि के लिए ICU ड्यूटी पर तैनात किया जाए.
  3. दिल्ली सरकार के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर्स, एनेस्थेटिक्स और स्टाफ नर्सेज को रेशनलाइजेशन किया जाए ताकि उनकी सेवाओं का श्रेष्ठ उपयोग किया जा सके.

सुझावों के मद्देनजर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने आदेश जारी कर कहा है कि दिल्ली के ज्यादातर मेडिकल इंस्टिट्यूट गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड हैं. जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. महेश वर्मा को इन सभी फाइनल ईयर एमडी/एमएस/डीएनबी नर्सिंग स्टूडेंट्स के 6 महीने के रिक्रूटमेंट के लिए नियुक्त किया गया है. स्टाइपेंड के तौर पर इन्हें क्या भुगतान किया जाना चाहिए, ये भी डॉ. महेश वर्मा ही तय करेंगे. डॉ. महेश वर्मा को स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव के साथ मिलकर अगले चार दिनों में यह काम पूरा करेंगे.

Coronavirus: दिल्ली सरकार को फिर पड़ी फटकार, SC ने पूछा- हॉस्पिटल बनाने के लिए मिले पैसों का क्या किया?


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here