Home News Nitish Kumar Exited CM Office And Residence For The First Time In...

Nitish Kumar Exited CM Office And Residence For The First Time In Corona Period ANN

0
0

बैंकर्स की बैठक को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों का अधिक से अधिक बैंक एकाउंट खुलवाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही.

पटनाः कोरोना काल में लंबे समय के बाद सोमवार को आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 72वीं बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,  उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी समेत अन्य नेता शामिल हुए. बैठक को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों का अधिक से अधिक बैंक एकाउंट खुलवाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इसके लिए एनुअल क्रेडिट प्लान के लक्ष्य को बढ़ाना पड़ेगा. जब एसीपी बढ़ेगा तो सीडी रेशियो भी बढ़ेगा. वित्तीय वर्ष 2010-20 में बिहार के बैंकों की कुल डिपोजिट 371 लाख करोड़ रुपये रही जबकि बैंकों का 430 प्रतिशत ही क्रेडिट-डीपॉजिट रेशियो रहा.

सीएम नीतीश ने बैठक के दौरान कहा कि बिहार में बैंकों के प्रति बहुत अच्छी अवधारणा है, लोगों का इसके प्रति आकर्षण है. लोग अपनी सेविंग का अधिक से अधिक पैसा बैंकों में जमा करते हैं, जबकि बैंक हमारे राज्य के जमा पैसों को यहां के विकसित राज्यों में लगा देते हैं. हम लोगों का लक्ष्य है अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो, उन्हें बिहार में ही काम का अवसर मिले. इसमें बैंकों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है. सूक्ष्म और लघु उद्योग इकाईयां, पशु पालन, मुर्गी पालन, हस्तशिल्प, हस्तकरघा, कृषि और संबद्ध क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बिहार में रोजगार सृजन की काफी संभावनाएं हैं.

सीएम नीतीश ने कहा कि एनुअल क्रेडिट प्लान के अन्तर्गत बैंक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग क्षेत्रों को ज्यादा से ज्यादा मदद करें. एमएसएमई क्षेत्र को ज्यादा से ज्यादा ऋण उपलब्ध कराने की जरूरत देखते हुए लक्ष्य को बढ़ाया जाए. लगभग 25 लाख जीविका समूहों का गठन किया जा चुका है. हमारा लक्ष्य 10 लाख जीविका समूहों के गठन का है. जीविका से जुड़ी गांव की महिलाएं बैंकों की कार्यप्रणाली और शब्दावली को पढ़े-लिखे लोगों से भी बेहतर ढंग से समझती है. जीविका समूह को 1 से 5 लाख रुपये तक के ऋण किस्तों में दिए जाते हैं. इसे बढ़ाकर 3 से 10 लाख रुपए करने की जरूरत है.

नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य के सभी लोगों का बैंक अकाउंट खोला जाए, इसकी ओर विशेष ध्यान दिया जाए. राज्य के 850 ग्राम पंचायतों में बैंक शाखा खोलने की जरूरत है. बिहार में 16 हजार की जनसंख्या पर और देश में 11 हजार की जनसंख्या पर बैंक की शाखाएं है. नई बैंक शाखा खोलने के लिए पंचायत के सरकारी भवनों के साथ-साथ अन्य सरकारी भवनों में जगह उपलब्ध कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में कृषि उत्पादन और उत्पादकता दोनों बढ़ी हैं. कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड निर्गत करने के लिए 370 लाख आवेदन बैंकों को फॉरवर्ड किए है. जबकि बैंकों की ओर से अब तक केवल 60 हजार आवेदनों को ही स्वीकृत किया गया है. इन्हें जल्द स्वीकृत करें और किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ाएं. लॉकडाउन की अवधि में लोगों को डीबीटी के माध्यम से कुल 8800 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद राज्य सरकार की तरफ से की गई. 1 करोड़ 42 लाख राशन कार्डधारियों और 21 लाख गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य परिवारों यानि कुल 1 करोड़ लाख परिवारों के खाते में 1,000 रुपए की राशि अंतरित की गई है.”

नीतीश कुमार ने कहा, “84 लाख 78 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के तीन महीने की अग्रिम पेंशन 1,017 करोड़ रुपए की राशि उनके खाते में भेजी गई है. शिक्षा विभाग की अन्य योजनाओं के तहत 1 करोड़ 80 लाख छात्र-छात्राओं के खाते में 3281 करोड़ रुपए अंतरित किए गए. डीबीटी के माध्यम से राशि ट्रांसफर करने में बैंकों को कम से कम तीन चार दिनों का समय लग जाता है. इसे और सुधारने की जरूरत है. कोरोना संक्रमण को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भी बैंकों ने लगातार काम किया है, जिससे लोगों को असुविधा नहीं हुई. इसकी हम सराहना करते है.”

सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार लैंड लॉक्ड स्टेट है. राज्य में कई तरह के उद्योग लगाने के लिए कई अच्छी नीतियां बनाई गई और काफी प्रयास भी किया गया है. बिहार में व्यापार बढ़ा है, लोगों की आमदनी बड़ी है. राज्य में विकेंद्रीकृत तरीके से विकास किया गया है और राज्य की विकास दर 11 प्रतिशत से उपर है. कई क्षेत्रों में उद्योग लगाने की संभावना है. लोग इसमें आगे आएं, सरकार इसमें हरसंभव मदद करेगी. बिहार की उद्योग प्रोत्साहन नीति में और सहुलियत देने पर विचार किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आए अधिकांश लोगों के मन में बिहार से बाहर जाने की अब इच्छा नहीं है. वे लोग यहीं रहकर काम करना चाहते है, हमारी भी यही इच्छा है. हम लोगों ने सभी का स्किल सर्वे कराया है. ताकि उसके अनुसार उन्हें राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सके. किसी को भी मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े. रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी बनाई गई है, जिसके तहत इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “राज्य में सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल, पक्की नाली, गली का निर्माण, जल-जीवन-हरियाली अभियान, सड़कों का निर्माण, मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार दिए जा रहे हैं. हर घर बिजली पहुंच गई है. खेती के लिए भी अलग से कनेक्शन दिया जा रहा है. राज्य में आवागमन काफी बेहतर हुआ है. देश एक है, नागरिकता एक है, यहां कोई प्रवासी नहीं है. देश के अंदर कोई भी कहीं भी जाकर रोजगार कर सकता है, यह उनका मौलिक अधिकार है.”

इधर, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 72वीं बैठक में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक में बैंकों को लक्ष्य दिया गया कि वे यह सुनिश्चित करें कि 2020-21 में बिहार के हर व्यक्ति का अपना एक बैंक खाता हो. इसके साथ ही बैंक की नई शाखाएं, ग्राहक सेवा केंद्र खोलने और नई एटीएम लगाने की कार्ययोजना बनाएं. जिससे बिहार के सभी 44 हजार गांव सुविधा मिल सके. बिहार के 12 लाख दूध उत्पादक किसान जो मिल्क यूनियन से जुड़े हैं उनके साथ फिशरी, पॉल्ट्री और पीएम किसान निधि में निबंधित किसानों में से वंचित को केसीसी दिया किया जाए. वहीं इस दौरान उन्होंने वार्षिक साख योजना की उपलब्धि और साख-जमा अनुपात में कमी पर नाराजगी भी जताई.

मोदी ने कहा कि बिहार में 10 करोड़ 12 लाख सक्रिय बैंक खाते हैं, जिनमें 7 करोड़ 76 लाख आधार और 6 करोड़ 98 लाख मोबाइल से जुड़े हुए हैं. इसके जरिए ही कोरोना संकट के ढाई महीने के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से 14,300 करोड़ रुपये गरीबों के जनधन खाते में बिना किसी बिचौलिए और दलाल के सीधे भेजे जा सके हैं. सरकार बड़े पैमाने पर लोगों का आधार कार्ड बनवा रही है.

डिप्टी सीएम ने बताया कि बैंकों को निर्देश दिया गया कि 31 जुलाई तक विशेष अभियान चला कर मिल्क यूनियन से जुड़े. 12 लाख दुग्ध उत्पादक किसानों को केसीसी के तहत बिना किसी बंधक के 1.60 लाख का लोन दें. पिछले साल 1.66 लाख किसान को ही किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए थे. सरकार ने निर्देश दिया कि पीएम किसान निधि के तहत निबंधित केसीसी से वंचित सभी किसानों को किसान क्रेडिट की सुविधा दी जाए. इसके लिए एलपीसी को डिजिटल कर दिया गया है, अब बैंक सीधे पोर्टल पर जाकर जांच कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि बिहार में 17,288 बैंक मित्र है जो ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए बैंकिंग सेवा देते हैं.  ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 1209 एटीएम हैं. ऐसे में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाओं को बैंक सखी बनाने के साथ ही सभी गांवों में सीएससी की सुविधा उपलब्ध कराएं.

सुशील मोदी ने वर्ष 2018-19 की 44.09 फीसदी की तुलना में 2019-20 में साख-जमा अनुपात 43.03 प्रतिशत रहने और वार्षिक साख योजना की उपलब्धि पिछले वर्ष से 11.60 प्रतिशत कम रहने पर नाराजगी जताने के साथ ही कोरोना काल में समर्पित भाव से लगातार सेवा देने के लिए बैंक कर्मियों को धन्यवाद दिया.

वहीं इस दौरान सीएम नीतीश ने कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. 60 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष रूप से ख्याल रखा जाए.

दिल्ली और चेन्नई से कनार्टक आने वालों को तीन दिन इंस्टीट्यूशनल क्वॉरंटीन में रहना होगा- येदियुरप्पा


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here