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No electricity bill deposited during lockdown, now thousands of people are getting notice – लॉकडाउन के दौरान नहीं जमा किया बिजली का बिल, अब कनेक्शन काटने का नोटिस भेजकर की जा रही है वसूली

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लॉकडाउन के दौरान नहीं जमा किया बिजली का बिल, अब कनेक्शन काटने का नोटिस भेजकर की जा रही है वसूली

नोएडा:

कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान बंद पड़ी फैक्ट्रियों और रोजगार की कमी का असर अब बिजली विभाग पर भी दिखने लगा है. गाजियाबाद और नोएडा जहां अस्सी फीसदी तक बिजली का बिल जमा होता वहां अब अप्रैल और मई का बिल न जमा होने के चलते हजारों लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है. नोएडा की जेजे कॉलोनी में रहने वाले आशा राम गौड़ हजार रुपए का बंदोबस्त करके बिजली का बिल जमा कराने पहुंचे, लॉकडाउन के दौरान नौकरी छूट चुकी है. लेकिन खाली घर बैठकर हवा खाने की कीमत बिजली के बिल के तौर पर अब वसूली जा रही है. आशाराम गौड़ कहते हैं, ‘लॉकडाउन से पहले नौकरी छूट गई 3 महीने बाद इकट्ठा बिल आ गया, तीन हजार रुपए का एक बार, जिसमें से दो हजार भरा फिर एक हजार का नोटिस आ गया फिर सोचा लाइट काट देंगे तो किसी तरह पैसे का जुगाड़ करते बिल भरवा रहा हूं.’

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सिर्फ घरेलु ही नहीं व्यवसायिक उपभोक्ता भी बिजली के बिल से परेशान है. राजेंद्र मोहन जिंदल की फैक्ट्री ढाई महीने पूरी तरह से बंद रही लेकिन उसके बावजूद फिक्स चार्ज और न्यूनतम चार्ज के नाम पर हर महीने करीब 40 हजार रुपए बिल भेजा जाता रहा. उन्होंने बताया, ‘हमारी तो डिमांड है कि फिक्स चार्ज और मिनिमम चार्ज खत्म हो वरना हमारा धंधा खत्म हो जाएगा.’

उधर नोएडा और गाजियाबाद में बड़ी तादात में उपभोक्ताओं के बिजली का बिल न जमा करने से बिजली विभाग का राजस्व खासा कम हो गया है. नोएडा और गाजियाबाद में सामान्य दिनों में 80 फीसदी तक बिल जमा होता था वहां ये घटकर 30 से 50 फीसदी तक आ चुका है. 

एक आंकड़े के मुताबिक 

नोएडा में अप्रैल महीने में 2 लाख उपभोक्ताओं में से महज 70 हजार ने बिल जमा कराया. वहीं मई में महज 80 हजार ने बिल जमा कराया, इसके चलते नोएडा में जहां करीब 350-400 करोड़ का राजस्व आता था वहीं अप्रैल में महज 88 करोड़ और मई में 125 करोड़ ही मिला. जबकि गाजियाबाद में 8 लाख उपभोक्ताओं में से 4 लाख ने बिल जमा कराया और अप्रैल महीने में 260 करोड़ की जगह 85 करोड़ ही राजस्व आया. 

बिजली विभाग की अपनी दलील

बिजली विभाग चीफ इंजीनियर वीएन सिंह ने कहा, ‘हमारे बिल में बहुत फर्क पड़ा है, इंडस्ट्रीज बंद होने से पैसा घट गया. मई में भी सवा सौ करोड़ राजस्व ही आ पाया.’  इसी के चलते बिजली विभाग अकेले नोएडा में ही करीब 50 हजार लोगों को कनेक्शन काटने का नोटिस भेजकर वसूली में जुटा है.साथ ही औद्योगिक ग्राहकों को 30 जून तक बिल भरने के बाद एक महीने के फिक्स चार्ज से छूट देने का ऐलान भी किया है.

नोएडा और गाजियाबाद यूपी के वो जिले हैं जहां आमतौर पर 80 फीसदी से ज्यादा लोग बिजली का बिल भरते थे लेकिन लॉकडाउन के चलते उद्योग भारी नुकसान में हैं और महानगरों के कामकाजी लोग बड़ी तादात में बेरोजगार हो रहे हैं. ऐसे में अब खुद बिजली विभाग को घाटे का करंट लग रहा है.


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