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WHO Chief Says Indirect Effects Of COVID-19 May Be Greater Than Casualties Due To Pandemic | WHO ने कहा

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जिनेवा से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अडेहनोम गेब्रेयसस ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और युवाओं पर कोरोना का अप्रत्यक्ष प्रभाव वायरस से होने वाली मौतों की संख्या से अधिक हो सकती है.

जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वो महिलाओं, बच्चों और युवाओं पर कोरोना वायरस के प्रभाव को लेकर ‘विशेष रूप से चिंतित’ है.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जिनेवा से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अडेहनोम गेब्रेयसस ने कहा कि इन समूहों पर कोरोना का अप्रत्यक्ष प्रभाव वायरस से होने वाली मौतों की संख्या से अधिक हो सकती है. उन्होंने कहा, “क्योंकि महामारी ने कई जगहों पर स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमरा दिया है, महिलाओं के गर्भावस्था और प्रसव की जटिलताओं से मरने का खतरा बढ़ सकता है.”

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और युवाओं सहित आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और सामुदायिक गतिविधियों के लिए दिशानिर्देश व मार्गदर्शन तैयार किए है. उन्होंने कहा, “संदिग्ध या कोरोना संक्रमित माताओं को स्तनपान शुरू करने और जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और तब तक उन्हें अपने शिशुओं से अलग नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि मां बहुत अस्वस्थ न हो. “

दक्षिण एशिया में कोरोना के विस्फोट की चेतावनी

इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि दक्षिण एशिया में कोविड-19 के मामले जिस खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं, उससे घनी आबादी वाले क्षेत्र में वायरस के विस्फोट का खतरा है. डब्ल्यूएचओ हेल्थ इमर्जेंसी प्रोग्राम के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर माइकल रयान ने कहा था, “विशेष रूप से दक्षिण एशिया में, न केवल भारत में, बल्कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के अन्य देशों में जहां घनी आबादी में बीमारी का विस्फोट नहीं हुआ है, लेकिन वहां हमेशा ऐसा होने का जोखिम है.”

उन्होंने आगे कहा, “भारत में मामलों की संख्या औसतन प्रति सप्ताह एक तिहाई बढ़ रही है, इसलिए शायद भारत में महामारी का दोगुना समय इस स्तर पर लगभग तीन सप्ताह है. तो महामारी की यात्रा की दिशा घातक नहीं है, लेकिन यह अभी भी बढ़ रही है.”

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