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in conversation with Priyanka Gandhi Vadra in 1 year Sachin Pilot repeatedly asked to be made chief minister: sources – प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट को राहुल और सोनिया गांधी से मिलवाने का दिया था ऑफर: सूत्र

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प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट को राहुल और सोनिया गांधी से मिलवाने का दिया था ऑफर: सूत्र

सूत्रों के मुताबिक सचिन ने जब प्रियंका गांधी वाड्रा से बात की थी तो उन्हें यह आश्वासन दिया गया था….(फाइल फोटो)

सचिन पायलट लगातार खुद को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते रहे और जब तक उनकी यह मांग मान नहीं ली जाती, उन्होंने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने तक से इनकार कर दिया. प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.यह बयान उस बात का खंडन है जिसमें सचिन पायलट के खेमे द्वारा यह कहा गया कि प्रियंका गांधी से फोन पर बात करने के तीन घंटे बाद ही सचिन को उप मुख्यमंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया गया.प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट चाहते थे कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की सार्वजनिक रूप से घोषणा की जाए और उन्होंने कहा कि अगर ये वादा नहीं किया जा सकता तो गांधी परिवार से मिलने का कोई मतलब नहीं है.

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सूत्रों ने बताया कि इस “डीलब्रेकर” मांग को कांग्रेस नेतृत्व को सूचित किए जाने के बाद ही सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के डिप्टी सीएम पद से मुक्त कर दिया गया था. रविवार को अशोक गहलोत के खिलाफ उनके विद्रोह के बाद पायलट ग्रुप के सदस्यों ने उस दिन पहले ही NDTV को बता दिया था कि प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा भेजे गए कई लोगों औऱ उनके साथ फोन कॉल के बाद उन्हें हटा दिया जाएगा.

सूत्रों ने कहा कि पायलट ने दो दिन पहले प्रियंका गांधी से बात की थी और उनकी बात तसल्ली के साथ सुनी गई थी. इस दौरान जब उन्होंने अपनी शिकायतों पर चर्चा की, तो प्रियंका गांधी ने कहा “वह राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बात करेंगी”.

“जब मेरे खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो कांग्रेस कैसे तालमेल की बात कर सकती है?” पायलट ने कथित तौर पर कहा. सूत्रों ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि वह कांग्रेस के आश्वासन पर भरोसा कर सकते हैं.सूत्रों ने सचिन पायलट के हवाले से कहा, “एक तरफ, कांग्रेस ‘दरवाजे खुले’ की बात करती है और दूसरी तरफ मुझे बर्खास्त कर दिया जाता है और अयोग्यता नोटिस भेजा जाता है। मुझपर अशोक गहलोत द्वारा लगातार हमला किया जा रहा है.” ऐसा बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी ने बुधवार को भी पायलट को फोन किया. 

कांग्रेस के एक वर्ग का मानना ​​है कि श्री पायलट 18 बागी विधायकों के साथ गुरुवार को पार्टी को अदालत में ले जाकर “बहुत दूर” चले गए. टीम पायलट ने अयोग्यता नोटिस को चुनौती दी है जो उन्हें यह बताने के लिए कहता है कि उन्होंने बैठकों में भाग लेने के लिए पार्टी के आदेशों को क्यों टाल दिया. पायलट के करीबी सूत्रों ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री के घर पर विधायकों की बैठक में वे कैसे शामिल हो सकते हैं जब वह दुखी थे? 

गहलोत, जिन्होंने बार-बार पायलट पर अपनी सरकार को गिराने के लिए भाजपा के साथ साजिश रचने का आरोप लगाया है, अगर कुछ और विधायक 20-मजबूत विद्रोही खेमे में शामिल हो जाते हैं, तो वे भारी मुसीबत में पड़ सकते हैं. बता दें कि भाजपा के पास 73 विधायक हैं और उसे सत्ता का दावा करने के लिए लगभग 30 और की जरूरत है. शुक्रवार की सुबह, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक केंद्रीय मंत्री और दो बागी विधायक फोन टेप में सौदेबाजी के जरिए अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश रच रहे हैं. कांग्रेस द्वारा ऑडियो के टेप में की गई बातचीत के पढ़े जाने के तुरंत बाद दो प्राथमिकी दर्ज की गईं. पायलट कैंप ने कहा कि उन्होंने “स्टिंग टेप नहीं सुना है” और ये टेप बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने के कदमों को सही ठहराने के लिए मुख्यमंत्री की रणनीति का हिस्सा है. यदि विद्रोहियों को अयोग्य घोषित किया जाता है, तो 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में बहुमत का निशान नीचे चला जाएगा, जिससे गहलोत को फायदा होगा.

क्या सचिन पायलट की अब भी हो सकती है कांग्रेस में घर वापसी ?


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